Thursday, February 28, 2019

Symptoms of Oral Cancer and their cause in hindi -मुहँ के कैंसर के लक्षण और कारण

Symptoms of Oral Cancer and their cause in hindi 


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Oral cancer जिसे हम आम भाषा में मुहँ  का कैंसर भी कहते है ये कैंसर हमारे मुहँ  के किसी भी हिस्से में हो सकता है जैसे जीभ , होंट , गाल के भीतरी हिस्से में | आज भारत में हर साल कैंसर के नए मामले सामने आ रहे है जो की एक गंभीर विषय है इस प्रकार के कैंसर के पीछे सबसे बड़ा कारण पान, गुटका , बीड़ी ,सिग्रेट और तम्बाकू का सेवन है | तम्बाकू में Nicotin नमक एक हानी कारक  रसायन होता है जिसके कारण व्यक्ति को तम्बाकू जैसे नशीले पदार्थो की आदत पड़ती है |

तम्बाकू के लगातार सेवन करते रहने से तम्बाकू में मौजूद Nicotin नामक रसायन हमारे शरीर को हानि पहुँचाने लगता है और शरीर की कोशिकाओं में असमान्य रूप से बदलाव होने लगता है जो आगे चलकर Oral Cancer का रूप ले लेता है | मुहं का कैंसर महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में ज्यादा दिखाई देता है कभी कभी तम्बाकू में मौजूद  हानी कारक chemical के कारण व्यक्ति के शरीर के भीतरी अंग भी प्रभावित होने लगते है ऐसे अंग है फेफडे ,गुर्दे ,लीवर कई मामलो में ऐसा देखा गया है की तम्बाकू ,बीड़ी सिगरेट के लम्बे समय तक सेवन करने से इन अंगो में भी कैंसरस कोशिकाएं उत्पन्न होने लगती है |

 इसके अलावा  अगर किसी व्यक्ति के मुहँ  में लम्बे समय से कोई ज़ख्म बना हुआ है और ठीक नहीं हो रहा है तो ये भी मुहँ  के कैंसर होने का एक कारण बन सकता है | आज हमारे देश में कम उम्र के युवा कई प्रकार के नशीले पदार्थो का सेवन करने लगे है जिसके कारण कई युवा कम उम्र में ही कैंसर का शिकार हो गए है | दोस्तों मुहँ  के कैंसर  की एक अच्छी बात ये है की इसे  जल्दी पहचान कर प्रभावित व्यक्ति का तुरंत इलाज शुरू कर उसे कुछ ही दिनों में ठीक किया जा सकता है | बस शर्त ये है की प्रभावित व्यक्ति शुरू में ही अपनी जाँच कराए क्योंकि बहुत से मामलो में देखा गया है की व्यक्ति को अगर कोई समस्या होती है तो वो उसे सामान्य समस्या मान कर उसे नज़र अंदाज़ करता रहता है | जो की समस्या को और भी बढ़ावा देती है Oral Cancer एक जान लेवा बिमारी है इसलिए शुरू में ही इसका उपचार करना चाहिए ताकि रोगी को जल्द ही ठीक किया जा सके |

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Oral Cancer के कारण  


तम्बाकू –

दोस्तों जैसा कि मैंने आपको ऊपर भी बताया की Oral Cancer का सबसे बड़ा कारण तम्बाकू का सेवन है तम्बाकू में कई प्रकार के हानीकारक रसायन  होते है जो कैंसर को बढ़ावा देती है |

मुहँ का ज़ख्म –

मुहँ में किसी भी प्रकार का ज़ख्म जो लम्बे समय से बना हुआ है और ठीक नही हो रहा है तो आगे चलकर ये भी मुहँ के कैंसर का एक कारण बन सकता है |

अनुवांशिक –

कई मामलो में ऐसा देखा गया है की व्यक्ति को Oral Cancer अनुवांशिक कारण से हुआ है ऐसी स्थिति में अगर किसी के परिवार में किसी व्यक्ति को मुहँ का कैंसर है तो उसके होने वाले बच्चों को भी ये समस्या होने की सम्भावना बनी रहती है

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Oral Cancer के लक्षण –



मुहं के अंदर कोई गांठ –

oral cancer होने का ये एक बड़ा लक्षण है अगर किसी व्यक्ति के मुहँ में लम्बे समय से कोई गांठ बनी हुई है तो उस व्यक्ति को तुरंत उसकी जांच करानी चाहिए जिससे शुरुआत में ही उसे ठीक किया जा सके |

मुहँ के भीतर लाल या सफ़ेद रंग के निशान –

जब कोई व्यक्ति Oral कैंसर का शिकार होने लगता है तो उसके मुहँ में या होंठ के अंदरूनी हिस्से पर लाल, काले या सफ़ेद रंग के निशान दिखाई देने लगते है जो संकेत है की व्यक्ति को कैंसर होने वाला है |

कोई ज़ख्म जो ठीक ना हो रहा हो –

वैसे तो एक स्वस्थ इंसान के मुहँ में अगर किसी प्रकार का ज़ख्म हो गया है तो हमारी रोग प्रतिरोधक रक्षा प्रणाली उसे कुछ ही दिनों में ठीक कर देती है | लेकिन अगर किसी व्यक्ति के मुहँ में ज़ख्म है और वो ठीक नहीं हो रहा है तो उसे फ़ौरन ही Doacter से मिलना चाहिए |

मुहँ का सुन्न हो जाना –

अगर किसी व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है की उसके मुहँ में दर्द हो रहा है और मुहँ सुन्न हो रहा है तो ये भी एक प्रकार का Oral Cancer का लक्षण है |

मुहँ का पूरा ना खुलना –

ऐसा ज्यादातर उन लोगो के साथ होता है जो गुटका , पान ,सुपारी का ज्यादा सेवन करते है इन सामग्री का लम्बे समय तक सेवन करने से एक दिन ऐसी स्थिति आजाती है की व्यक्ति अपना पूरा मुहँ खोलने में भी सक्षम नहीं रहता जो की एक कारण है Oral कैंसर का |

आवाज़ में बदलाव –

व्यक्ति की आवाज़ में अचानक बदलाव भी मुहँ के कैंसर का एक लक्षण है कई बार ऐसा होता है की व्यक्ति की आवाज़ में अचानक बदलाव आजाता जाता है जिसे व्यक्ति एक आम समस्या समझ कर नज़र अंदाज़ करता रहता है लेकिन अगर किसी के साथ ऐसा होता है तो वो तुरंत अपना उपचार करे |

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Oral Cancer में परहेज़ –


अगर किसी व्यक्ति को Oral Cancer हो जाता है तो व्यक्ति को बहुत सी बातो और आपने खाने पिने का ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि ऐसा न करने पर व्यक्ति किस स्थिति और भी गंभीर हो सकती है | अगर व्यक्ति को मुहँ का कैंसर नशीले पदार्थ से ना होकर किसी अन्य कारण से हुआ है तो भी व्यक्ति को सभी नशीले पदार्थो से दूर रहना चाहिए ना ही धुम्रपान करना चाहिए और ना ही पान गुटका का सेवन करना चाहिए | खाना खाने से पहले और बाद में कुल्ला अवश्य करे | ऐसे समय में अपने मुहँ को हर प्रकार से स्वच्छ रखने की कोशिश करे और पौष्टिक खाना खाए|

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Oral Cancer से कैसे बचे –


दोस्तों हमे अपनी  जीवन शैली ऐसी बनानी चाहिए की हमे किसी भी प्रकार का रोग ना होने पाए ताकि हम अपनी पूरी ज़िन्दगी स्वस्थ रहकर जी सकें अगर हमे Oral Cnacer से बचाना है तो हमे सभी प्रकार के नशीले पदार्थो से दूर रहना है तम्बाकू ,पान गुटका से तो बिलकुल भी दूर रहना है क्योंकि मुहँ का कैंसर होने का सबसे बड़ा करण यही है | इसके साथ हमे स्वस्थ जीवन जीने की आदत डालनी पड़ेगी क्योंकि सिर्फ oral कैंसर ही हमारे  लिए खतरा नहीं है एनी कई प्रकार के कैंसर है जो हमारे लिए बहुत खतरनाक है |
इसलिए पौष्टिक और स्वच्छ भोजन करे अपनी दिन चर्या ऐसी बनाए जिसमे शारीरिक श्रम ज्यादा हो क्योंकि रोग होने का सबसे बड़ा कारण आलस्य और आराम है इसलिए रोज़ सुबह व्यायाम और योग करे |

Tuesday, February 26, 2019

Symptoms of Diarrhoea and their Home Treatment in hindi -दस्त के लक्षण और घरेलू उपचार


Symptoms of Diarrhoea and their Home Treatment in hindi


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Diarrhoea एक ऐसी समस्या है जिसमे व्यक्ति को बार बार शौच के लिए जाना पड़ता है और साथ में उल्टी का मन भी करता है वैसे तो ये समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है लेकिन छोटे बच्चो को ये ज्यादा होती है | ये समस्या ज्यादातर गर्मी और बरसात के मौसम में  होती है क्योंकि गर्मी में अगर हम ज्यादा oily या ज्यादा भारी खाना खा लेते है तो उसे पचने में बहुत मुश्किल होती है और जब भोजन हमारे पेट में ठीक से नहीं पच पता तो व्यक्ति Diarrhoea का शिकार हो जाता है | बरसात में व्यक्ति को ये समस्या एक becteria के कारण होती है जो की  गंदे पानी या किसी दूषित  खाद्य पदार्थ के द्वारा व्यक्ति के भीतर आते है |



Diarrhoea में व्यक्ति को पतले दस्त शुरू हो जाते है और कभी कभी व्यक्ति को दस्त के साथ साथ उल्टियाँ  भी होने लगती है जिसके कारण व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी होने लगती है | वैसे तो आम दस्त एक दो दिन में खुद ही ठीक हो जाते है लेकिन अगर किसी को ये समस्या 2 दिन से ज्यादा हो रही हो तो उसे किसी चिकित्सक को मिलना चाहिए | क्योंकि अगर शरीर में पानी की ज्यादा कमी हो जाए तो व्यक्ति और भी गंभीर समस्या में पड़ सकता है | ये समस्या होने पर व्यक्ति को भरपूर  आराम करना चाहिए और खाना एक साथ पूरा नहीं खाना चाहिए |

व्यक्ति को अगर भूख लगती है तो उसे खाना थोड़ी थोड़ी मात्रा में लेना चाहिए इससे व्यक्ति को खाना पचाने में आसानी होगी लेकिन Diarrhoea में ठोंस भोजन ना ले बस हल्का खाना ही खाएं जैसे मूंग  की दाल की खिचड़ी और सूप और साथ में ये ध्यान रखें की जब भी ये समस्या शुरू हो पानी जितना हो सके उतना पिए ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो पाए |

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Diarrhoea के लक्षण –


पतले दस्त –


इस समस्या का सबसे बड़ा लक्षण यही है की व्यक्ति को Diarrhoea होने पर पानी युक्त पतले दस्त शुरू हो जाते है और ये एक दिन में कई बार हो सकते है | अगर ये समस्या ज्यादा दिन पुरानीं हो जाती है तो व्यक्ति के शौच में कभी कभी खून भी आने लगता है |

उल्टी होना –

ये समस्या होने पर व्यक्ति को उल्टियाँ भी शुरू हो जाती है और ये भी एक दिन में 3 से 4 बार हो सकती है कभी कभी व्यक्ति के कुछ भी खाने के तुरंत बाद उल्टी होने लगती है |

पेट में दर्द के साथ ऐंठन –

ये समस्या होने पर व्यक्ति के पेट में ऐंठन और दर्द होने लगता है और ऐसा होने पर व्यक्ति को शौच की आसंका होती है |

पैरो में दर्द –

जब व्यक्ति Diarrhoea का शिकार हो जाता है तो व्यक्ति को बार बार शौच के लिए जाना पड़ता है और ऐसी स्थिति में व्यक्ति के शरीर में मौजूद पानी कम होने लगता है जिससे व्यक्ति के पैरो में भी दर्द शुरू हो जाता है |

कमज़ोरी महसूस होना –

व्यक्ति शरीर में से लगातार  पानी निकलने के वजह से व्यक्ति निर्जली करण का शिकार होने लगता है जिसके कारण व्यक्ति के शरीर में कमज़ोरी आने लगती है |

मूत्र में कमी –

दोस्तों अगर छोटे बच्चे को Diarrhoea हो गया हो और उसने एक दिन में एक भी बार पेशाब नहीं किया है तो ऐसी स्थिति में तुरंत बच्चे को docter के पास ले जाए क्योंकि ऐसा तभी होता है जब शरीर में  पानी की कमी बहुत ज्यादा हो गई हो |

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Diarrhoea में खान - पान  –


Diarrhoea होने पर हमे अपने खान पान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि अगर हम अपने खान पान पर ध्यान नहीं देंगे तो समस्या और भी बढ़ सकती है ऐसी स्थिति में व्यक्ति को ऐसा भोजन खाना चाहिए जो आसानी से पच सके जैसे सूप ,खिचड़ी, डाल का पानी | इस स्थिति में आप जितना हो सके उतना पानी पिए या फिर एक लीटर पानी में आप ORS डाल कर उसे थोड़ी थोड़ी मात्रा में हर 10 से 15 मिनट पर पीते रहें इससे शरीर में पानी की कमी पूरी होगी | आप चाहें तो नारियल पानी का भी पी सकते है |

नारियल पानी में कुदरती रूप में Electrolyte मौजूद होते है जो पानी की आपूर्ति करते है | अगर आपको दस्त की समस्या हो गई है तो आप खाने में नमक का थोडा ज्यादा प्रयोग करे इससे शरीर में पोटेशियम की कमी पुरी होगी | ऐसे में आप दही ,छाछ का भी सेवन कर सकते है और बात करे फल की तो आप केला ,पपीता ,अनार ,सेब ,संतरा  इन सब का सेवन कर सकते है | लेकिन ऐसे में आप मैदे से बने हुए खाद्य पदार्थ का सेवन ना करे तली हुई चीज़े जंक फ़ूड फास्ट फ़ूड , का सेवन बिलकुल ना करे | ज्यादा वसा  युक्त दूध से परहेज़ करे | बाहर की बनी चीज़े जो डालडा से बनी हो उसे बिलकुल ना ले आप जब भी कुछ खाने में खाए तो उसे गर्म करके खाए ठंडा बिलकुल ना खाए |

Diarrhoea का घरेलू उपचार –


जीरा –

Diarrhoea होने पर व्यक्ति को भूख तो लगती है लेकिन जब भी वो कुछ खाता है तो उसके कुछ ही देर बाद उसे शौच के लिए जाना पड़ता है ऐसी स्थिति में व्यक्ति का बहुँत बुरा हाल हो जाता है इसके लिए आप इस नूस्खे का प्रयोग कर सकते है | आप सुबह खाली पेट एक चमच जीरा ले और उसे साफ करके उसे अपने मुहं में डाल कर खूब अच्छी तरह चबा चबा कर खाए उसके बाद उपर से आधा ग्लास हल्का गर्म पानी पी ले इससे आपको बहुत ही जल्दी दस्त में आराम मिलेगा और आप चाहे तो एक चमच रात को भी खा ले | अगर आपको दस्त खाना ठीक से ना पचने के कारण हुआ है तो इस विधि का 2 बार प्रयोग करने से ही आपका दस्त ठीक हो जायेगा |

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इसबगोल की भूसी –

दोस्तों इसबगोल एक बहुत ही अच्छी औषधि है जो Diarrhoea से प्रभावित व्यक्ति को जरुर लेनी चाहिये | अगर किसी व्यक्ति को कब्ज Constipation की शिकायत है तो वो व्यक्ति भी इसका सेवन कर  सकता है | दस्त से पीड़ित व्यक्ति को एक कटोरी छाछ या फिर दही में 2 चमच इसबगोल मिला कर देने से व्यक्ति के दस्त ठीक हो जाते है आप चाहे तो इसबगोल को रात भर पानी में भिगो कर रखे और सुबह खाली पेट ऐसे भी खा सकते है | कब्ज वाले व्यक्ति इसे गर्म पानी के साथ ले |

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चीनी और नमक –

दोस्तों Diarrhoea होने पर लोग ORS का घोल पीने की सलाह देते है लेकिन अगर ORS उपलब्ध ना हो तो आप उसके स्थान पर नमक और चीनी का प्रयोग कर सकते है इससे आपके शरीर में पानी की जो कमी हुई है उसकी पूर्ति होगी | इसके लिए आप 2 लिटर पानी में 1 चमच नमक और 3 से 4 चमच चीनी डाल दे और उसमे आधा नीम्बू का रस भी डाल दे फिर इस घोल को आप आधे आधे घंटे के अंतराल में पीते रहे इससे आपको बहुत लाभ होगा |

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केला और दही –

दोस्तों Diarrhoea होने पर केले का सेवन करने से लाभ मिलता है आप इस समस्या में केले और दही का सेवन करे इसके लिए आप एक कटोरी दही ले पर उसमे एक केला काट  कर या मैश करके मिला दे फिर उसका सेवन करे आप चाहे तो इसमें थोड़ी सी मात्रा में जीरे का पाउडर भी मिला दे फिर इस दही का आप सेवन करे | आप इस विधि को दिन में दो से तीन बार करे आपको दस्त में ज़रूर लाभ मिलेगा |




Sunday, February 24, 2019

Symptoms of Typhoid and their Home remedies in hindi - टाइफाइड के लक्षण और घरेलू उपचार


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TYPHOID एक ऐसी समस्या है जो दूषित खाने और दूषित पानी के द्वारा व्यक्ति को अपने  चपेट में लेता है यह एक प्रकार के Becteria जिसका नाम Salmonalla Typhi और Salmonalla Peratyphi  से होता है अगर कोई व्यक्ति इस समस्या से संक्रमित है और वो शौच के बाद अपने हाथों को ठीक से नहीं धोता तो ये जीवाणु उसके हाथों में जीवित रहते है फिर जब वही व्यक्ति किसी स्वस्थ व्यक्ति के साथ खाना खाता है या उससे हाथ मिलाता है तो वे जीवाणु दूसरे  व्यक्ति तक पहुँच जाते है फिर जब वो स्वस्थ व्यक्ति बिना हाथ धोए  खाना खाता है |

तो वे जीवाणु उसके भीतर चले जाते है और वो स्वस्थ व्यक्ति भी Thyphoid से संक्रमित हो जाता है ये संक्रमण संक्रमित  खाने और  संक्रमित पानी से ज्यादा फैलता है इसलिए खाना खाते समय अच्छी तरह से अपने हाँथ धो कर खाना खाए और खाने को अच्छी तरह से पका कर खाए  | अगर कोई व्यक्ति इस रोग से संक्रमित  हो जाता है तो उसके भीतर इस रोग के लक्षण 1 या 2 हफ्तों बाद ही दिखाई देते है इसी कारण से संक्रमण को व्यक्ति के पूरे  शरीर में फैलने का पूरा समय मिल जाता है | Thyphoid होने पर अगर इसका सही समय पर उपचार ना किया जाए तो ये हमारे शरीर के बाकी  अंगो जैसे दिल गुर्दे को नुकसान पहुँचाने लगते है |

सही समय पर उपचार ना होने से कई मामलो में ये Pneumonia का रूप भी ले लेता है जो व्यक्ति के लिए और भी समस्या पैदा कर देती है | इसलिए सही समय पर इसका उपचार शुरू कर दे आप इसको इसके लक्षण के द्वारा पहचान सकते है | आइए जानते है इसके कुछ लक्षण |


Typhoid के लक्षण –

इस संक्रमण के लक्षण व्यक्ति में 1 हफ्ते के बाद से दिखाई देना शुरू होते है जो सी प्रकार है |

सर में दर्द रहना –

संक्रमित व्यक्ति में ये संक्रमण  होने के बाद लगातार सर में दर्द बना रहता है जो की Typhoid का ही एक लक्षण है ऐसा होने पर अपने रक्त की जाँच कराए |

अनियमित बुखार –

typhoid से संक्रमित व्यक्ति में  अनियमित बुखार के लक्षण दिखाई देने लगते है इसमें कभी तो बहुत तेज़ बुखार आयेगा और फिर कुछ घंटो बाद या कुछ दिन में ठीक हो जायेगा और एक निश्चित अंतराल के बाद व्यक्ति को फिर से बुखार आयेगा |

भूख ना लगना –

इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति को ठीक से भूख भी नहीं लगती |

पेट में दर्द –

पेट में दर्द होना typhoid के शुरुआती लक्षण में से एक है |

दस्त और उल्टी –

व्यक्ति के शरीर में Typhoid के जीवाणु प्रवेश करने से व्यक्ति का पाचन तंत्र प्रभावित हो जाता है जिसके कारण व्यक्ति को उल्टी और दस्त जैसी समस्या होने लगती है |

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Typhoid में कैसा हो खान – पान –


दोस्तों अगर हम Typhoid में अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखते है तो हमारे टाइफाइड को ठीक होने में भी मदत मिलेगी और शरीर में टाइफाइड के कारण होने वाली कमज़ोरी  भी दूर होगी | typhoid की समस्या होने पर सबसे पहले तो आपको इस बात का ध्यान रखना है की आपको भारी भोजन नहीं खाना है मतलब ऐसा भोजन जिसको बनाने में अधिक मात्रा में तेल का उपयोग हुआ हो और ना ही तले हुए भोजन का सेवन करना है ,बाज़ार में बनाए खाद्य पदार्थ जैसे फास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड को तो बिलकुल ही नहीं लेना |

आप जब भी खाना खाए ऐसा खाए जो एक दम हल्का हो जिसे पचाने में आपके पाचन तंत्र को ज्यादा मेहनत ना करनी पड़े जैसे किचड़ी ,सूप और फलो का जूस | फल में आप पपीता ,संतरे , केले ,चीकू , मोसंबी खा सकते है बस आप जब भी फल खाए एक बात का ध्यान रखे फल खाने से पहले उनको अच्छी तरह से धो कर खाए और जब खाना हो तभी काटे फल काट कर लम्बे समय तक के लिए ना रखें | आप जब भी पानी  पिए तो उबाल कर ही पिए आप चाहे तो उस  पानी में कुछ तुलसी की पत्तियां भी डाल सकते है इससे आपको Typhoid के बुखार से लाभ मिलेगा | आप चाहे तो दही और मट्ठे का सेवन भी कर सकते है ये आपके शरीर से toxins बाहर निकालेगा  |


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Typhoid के लिए घरेलू उपचार –



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गिलोय –


दोस्तों typhoid के लिए आयुर्वेद ने हमे बहुत से आयुर्वेदिक और घरेलू  जड़ी बूटियां दी है जिसका उपयोग करने से हमारे शरीर से जुड़े बहुत से रोगों का उपचार किया जा सकता है बस आपको उन जड़ी बूटियों के बारे में पता होना चाहिए | उन्ही में से एक जड़ी बूटी गिलोय है जिसका प्रयोग करने से Typhoid जैसी समस्या जल्द ही ठीक हो सकती है इसके लिए आप गिलोय की ताज़ा डंडी ले जो की 1 फूट तक हो फिर उस डंडी को  छोटे छोटे टुकड़ो  में काट दे और किसी चीज़ की सहायता  से उन टुकड़ो  को कूट ले | फिर 1 लिटर पानी में उसे डाल कर देर तक उबाले जब पानी आधे लिटर से कम बचे तो पानी को ठंडा होने के लिए रख दे | फिर इस पानी को रोज़ सुबह खाली पेट और रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद संक्रमित व्यक्ति को दो दो घूंट पिलाये | ऐसा एक हफ्ते तक करने से typhoid में लाभ मिलेगा |

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लौंग –

दोस्तों लौंग तो हम सभी के घर में आसानी से उपलब्ध हो जाती है क्योंकि इसे हमारे घरो में मसालों के रूप में प्रयोग करते है लौंग में मौजूद तत्व typhoid के प्रति जिम्मेदार जीवाणुओं को नष्ट करने का काम करती है और बुखार के कारण होने वाली उल्टी से भी राहत दिलाती है | इसके लिए 1 लीटर पानी में 20 लौंग डाल दे फिर पानी को आधा होने तक उबालें जब पानी आधा हो जाए तो पानी को ठंडा होने के लिए रख दे | फिर इस पानी को हर 2 घंटे में  2 से 3 घूँट पिए | ऐसा 3 से 4 दिन करे Typhoid में आपको बहुत ही जल्दी आराम मिलेगा |

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तुलसी –

तुलसीएक ऐसा पौधा है जिसमे  हर प्रकार के बुखार और सर्दी जुखाम को ठीक करने की छमता होती है इनके पत्तों का काढ़ा बनाकर पिने से सर्दी जुखाम में बहुत ही जल्दी आराम मिलता है |  आप Typhoid में भी इनकी पत्तियों का प्रयोग कर सकते है इसके लिए आप तुलसी की 20-25 पत्तियां ले और उसे 2 ग्लास पानी में उबाले और उसमे एक चमच अदरक का रस भी मिला दे जब पानी आधा ग्लास बचे तो उसे ठंडा होने के लिए रख दे जब वो हल्का गुण गुना हो जाए तो उस पानी में तोड़ी शहद मिला दे | फिर पानी को पी जाए ऐसा आपको सुबह खाली  पेट करना है | आपको लाभ अवश्य मिलेगा | 

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मुनक्का –

दोस्तों अगर आपको Typhoid से जल्द से जल्द छुटकारा पाना है तो इस नुस्खे का उपयोग जरुर करे इसके लिए आप 3 ग्राम खूबकला , 10 मुनक्के और 2 अंजीर ले इन सबकी किसी चीज़ की सहायता से चटनी  बना ले और प्रभावित व्यक्ति को इसे खिला दे ऐसा रोज़ सुबह खाली  पेट 7 दिन करे | संक्रमित व्यक्ति को बहुत ही जल्दी लाभ मिलेगा |

तरल पदार्थ का सेवन –

दोस्तों typhoid एक ऐसा रोग है जिसका संबंध व्यक्ति के अंतो से है क्योंकि जो Typhoid के विषाणु है वो संक्रमित व्यक्ति के अंतो को ही सबसे पहले अपना घर बनाते है | व्यक्ति के एक बार संक्रमित होने पर उसे दस्त और उल्टियों की समस्या होने लगती है जिसके कारण शरीर में मौजूद सारा पानी बाहर निकल जाता है जिससे व्यक्ति की सेहत और बिगने लगती है | इसलिए  ये जरुरी है की Typhoid होने पर तरल पदार्थो का सेवन अधिक करे जिससे शरीर में पानी की कमी ना हो पाए |


Typhoid में कुछ ज़रूरी बातें –


Typhoid होने पर व्यक्ति को अपना बहुत ख्याल रखना पड़ता है ताकि वो जल्द से जल्द ठीक हो सके इसलिए ये ध्यान रखें की अगर किसी व्यक्ति को typhoid हो गया है तो उसे जब भी भूख लगे तो केवल फल और तरल खाद्य पदार्थ ही खिलाए अन्न से बना भोजन ना दे क्योंकि इस समय व्यक्ति की पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है जिसके कारण व्यक्ति को दस्त जैसी समस्या हो सकती है व्यक्ति को फलो के रस का सेवन कराए |

ध्यान रहे की इस समस्या का उपचार सही समय पर शुरू कर दे क्योंकि इसके ठीक ना होने पर इसका असर हमारे liver पर पड़ने लगता है जिसके कारण लीवर भी संक्रमित हो सकता है और फिर jaundice होने का खतरा भी बना रहता है | Typhoid में स्वच्छ और साफ़ पानी का उपयोग करे पानी जब भी पिये तो उबाल कर ही पिए |

Friday, February 22, 2019

Cause of Tooth Pain and their Home treatment in Hindi -दांत दर्द का कारण और उसका घरेलू उपचार


Cause of Tooth Pain and their Home treatment in Hindi


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दोस्तों हममे से कई व्यक्ति ऐसे होते हो जो Tooth Pain की समस्या से परेशान  होते है वैसे तो ये एक आम समस्या ही है लेकिन अगर इस पर ध्यान ना दिया जाए तो आगे चलकर ये बहुत तकलीफ देह समस्या बन जाती है और शुरुआत में तो दांत दर्द ज्यादा तकलीफ देह नहीं होता लेकिन समय के साथ साथ ये बढ़ने लगता है एक समय ऐसा आता है की इस दर्द के कारण व्यक्ति ना तो ठीक से खा पता है ना ही बात कर पता है | दांत में दर्द होना तब शुरू होता है जब हमारे दांतों में किसी प्रकार का संक्रमण लग जाता है |



जितनी जरुरी हमारे शरीर की सफाई है उतनी ही जरुरी हमारे मुहं की भी सफाई है क्योंकि अगर हम अपने मुहं को सही तरीके से साफ़ नही करेंगे तो सबसे पहले हमारे दांत और मसूड़े ही प्रभावित होंगे | हममे से कई लोग होंगे जो अपने दांतों की अच्छी तरह सफाई करते होंगे लेकिन कई ऐसे भी होंगे जो ठीक से सफाई नहीं करते होंगे | हम जब भी कुछ खाते है तो खाने के कुछ कण हमारे दांतों में फसे रह जाते है और अगर इन कणों को साफ ना किया जाए तो ये हमारे दांतों के बीच में ही सड़ने लगते है |



इन कणों के सड़ने के कारण उस जगह कई प्रकार के हानिकारक Becteria उत्पन्न हो जाते है जो एक प्रकार के अम्ल का निर्माण करते है और इस अम्ल के कारण हमारे दांतों की पहली परत जिसे हम Enamel बोलते हो वो नष्ट होने लगती है | जो की Tooth Pain शुरू होने का पहला चरण है | इस स्थिति  में व्यक्ति के दांतों में दर्द नहीं होता बस दांतों के उपर वाले हिस्से में एक छोटा सा छेद हो जाता है जिसमे हमारे द्वारा कहए जाने वाले खाने के कण फसने लगते है | अगर इस चरण में इस पर ध्यान ना  दिया जाए तो आगे चलकर Becteria द्वारा उत्पन्न किये गये अम्ल के कारण हमारे दांतों की दूसरी परत Dentin को भी नुक्सान होने लगता है |

Dentin को नुक्सान होने के वजह से हमारे  दांतों में झंझनाहट होने लगती है और दांतों में ठंडा गरम लगने लगता है और आगे चलकर  दांतों में हल्का दर्द भी शुरू हो जाता और जब हमारे दांतों की ये दूसरी परत पूरी तरह नष्ट हो जाती है तो ये Becteria हमारे दांतों के भीतर मौजूद Pulp तक पहुँच जाते है और फिर शुरू होता है असहनीय Tooth Pain  जो तब तक ठीक नहीं होता जब तक आप अपना दांत निकलवा ना ले | इसलिए हमे ये ध्यान रखना चाहिये की हम शुरू में ही इसका अच्छी तरह उपचार कर लें  ताकि ये स्थिति  बन ही ना पाए |

Tooth Pain का कारण –



वैसे तो व्यक्ति में Tooth Pain का एक ही मुख्य कारण है और वो है दांतों की ठीक तरह से सफाई ना करना जिसके वजह से दांत में कीड़े लगना शुरू हो जाता है| इसके और कारण भी है जो इस प्रकार है 

पायरिया –

पायरिया एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसके कारण व्यक्ति को एनी लोगो के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है क्योंकि इस समस्या में व्यक्ति के दांतों में से खून निकलने लगता है और प्रभावित व्यक्ति के मुहँ  से बदबू भी आती  रहती है इस समस्या के कारण  दांतों में दर्द भी होता है |

कैविटी –

Tooth Pain होने में cavity भी एक बड़ा कारण है क्योंकि cavity के वजह से दांतों पर हानिकारक Becteria कब्ज़ा हो जाता है और ये बेक्टेरिया धीरे धीरे दांतों को नुक्सान पहुंचाते  रहते है जो आगे चलकर दांत दर्द का कारण बनते है |

मसूड़ों में संक्रमण –

अगर किसी व्यक्ति को मसूड़ों का संक्रमण है जिसमे मसूड़ों में से खून और मसूड़ों में सूजन रहती है ऐसे व्यक्ति को आगे चलकर Tooth Pain का सामना करना पड़ सकता है | इस प्रकार के संक्रमण को Gingivitis कहते है |

दांतों को पीसना –

कुछ व्यक्तियों की ये आदत होती है की जब वो नींद में होते है तो वो अपने दांतों को पीसते है और कभी कभी इसके कारण उनके दांतों की जड़े हिल जाती है या उनके दांतों में दरार आ जाती है जिसके कारण भी व्यक्ति को Tooth Pain होने लगता  है |

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Tooth Pain का घरेलू इलाज –


अगर आपका Tooth Pain शुरुआती समय में  है तो आपको इन घरेलू उपचार का उपयोग अवश्य करना चाहिये आपको लाभ ज़रूर मिलेगा |

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लौंग –

दोस्तों लौंग हमारे घर में मसाले के रूप में आराम से मिल जाती है इसकी सुगंध काफी तेज़ होती है इसमें पाए जाने वाले anti becterial गुण हर प्रकार के जीवाणु को नष्ट करने में समर्थ होते है इस लिए अगर आपको कभी भी Tooth Pain महसूस हो तो आप इसका उपयोग जरुर करे | इसके लिए आप कुछ लौंग ले और उसे एक ग्लास पानी में देर तक गर्म करे जब पानी आधा ग्लास बचे तो उस पानी से कुल्ला करे इससे आपके दातों का दर्द भी ठीक होगा और आपके मसूड़ों की सूजन भी | इस नुस्खे का उपयोग रोज़ दो टाइम करे | आप चाहे तो लौंग के तेल का उपयोग का सकते है जिस जगह आपके दांत  में दर्द हो रहा हो उस जगह लौंग के तेल लगाएँ आपको बहुत जल्दी लाभ मिलेगा |

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हल्दी और सरसों का तेल –

व्यक्ति में Tooth Pain  के बहुत से कारण हो सकते है अगर आपके दांत दर्द का कारण दांत में लगे कीड़े या दांत की उचित सफाई ना करना है तो ये नुस्खा आपके लिए है | इस नुस्खे को बनाने के लिए आप थोड़ी सी हल्दी ले और उस हल्दी में थोडा सा लौंग  का तेल मिला दे और थोडा सरसों का तेल भी फिर इन सबको मिला कर एक अच्छा सा पेस्ट बना ले | फिर आपके जिस भी दांत में  दर्द हो रहा हो उस दांत के उपरी हिस्से पर और मसूड़ों पर अच्छी तरह से अपनी ऊँगली से उस पेस्ट को लगाए तोड़ी देर ऐसे ही छोड़ दे फिर  2 से 3 मिनट बाद हल्के गर्म पानी से कुल्ला कर लें | ऐसा आप सुबह और रात में खाना खाने  के बाद करे |

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Cause And Symptoms Of Jaundice And Their Home Remedies 


अदरक –

Tooth Pain कितना तकलीफ देह  और असहनीय होता है ये तो उसको ही पता होता है जिसे ये होता है ऐसे समय में प्रभावित व्यक्ति बस यही सोचता है के उसे इस समस्या से जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी छुटकारा मिले | इस समस्या के लिए आप अदरक का भी प्रयोग कर सकते है आपको जब भी tooth pain हो आप अदरक का एक टुकड़ा ले फिर उसे बारीक़ पीस लें उसके बाद अदरक के रस को निकल कर उस दांत में लगये जिस दांत में आपको दर्द हो रहा हो | ऐसा करने से आपको बहुत ही जल्दी पीड़ा से आराम मिलेगा |

फिटकिरी –

Tooth Pain को ठीक करने में फिटकिरी भी बहुत अच्छी औषधि है इसके लिए आप फिटकरी के छोटे छोटे टुकडो को एक ग्लास पानी में डाल कर गर्म करे पानी गर्म होने के बाद उसे थोडा ठंडा होने के लिए रख दे जब पानी ठंडा हो जाए तो उस को आप अपने मुहं में डाल कर थोड़ी देर रखे और थोड़ी देर के बाद उसे बाहर निकाल दे  ऐसा आप 2   3 बार करे आपको लाभ अवश्य मिलेगा | इसके आलावा आप फिटकरी का बारीक़ चूर्ण बना कर दर्द वाले जगह पर लगा सकते है इससे भी आपको Tooth Pain से जल्दी लाभ मिलेगा |



नीम की दातून –

दोस्तों हमारे देश के गांव  में आज भी कई लोग ब्रश के बजाये  नीम के दातून का प्रयोग करते है और उनके दांत बहुत मजबूत और सुन्दर रहते है | नीम एक ऐसा पौधा है जिसमे हर प्रकार के रोगों को ठीक करने की शक्ति है फिर चाहे वो त्वचा संबंधी समस्या हो या मधुमेह | दोस्तों अगर आपके दातों में कीड़ा लगना  अभी शुरू ही हुआ है तो आप रोज़ नीम के दातुन का उपयोग करना शुरू कर दे इसमें मौजूद anti becterial गुण हमे दातों में लगने वाले कीड़ों से बचाते है | आप रोज़ सुबह इसके ताज़ी दातुन का उपयोग करे |

Cause of Tooth Pain and their Home treatment in Hindi

Tooth Pain से बचाव –



दोस्तों tooth pain जैसी गंभीर समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका ये है की यह समस्या हमे होने ही ना पाए क्योंकि एक बार अगर ये समस्या किसी व्यक्ति को हो जाती है तो उसे जल्दी ठीक करना इतना सरल नहीं होता इसलिए कुछ बातों का ध्यान रख कर इस समस्या से बचा जा सकता है |

जब भी खाना खाए  अपने दांतों को अच्छी तरह से कुल्ला के द्वारा साफ कर ले ये एक ऐसा तरीका है जो देखने  में तो एक दम सरल लगता है लेकिन इसका लाभ  बहुत है खाना खाने के बाद मुहं में पानी भर कर अपनी उँगलियों से खुल्ला करे इससे हमारे दांतों के बीच फसे हुए खाने के कण निकल जायेंगे | अगर आप रात में खाना खाने के बात Brush नहीं करते तो आज ही शुरू कर दे इससे बहुत लाभ मिलेगा आपके दांत स्वस्थ और आकर्षक लगेंगे | मीठा कम खाए अगर खाते भी है तो खाने के बाद कुल्ला अवश्य करे कोल्ड ड्रिंक आदि कम पिए याद रखे व्यक्ति की सुंदरता उसके दाँतों से ही होती है | इन सभी सावधानियों को अपना कर आप Tooth Pain से बच सकते है |